Home SPORTS सिमरन शेख : झुग्गी-बस्ती से निकलकर बनी स्टार क्रिकेटर, अब WPL में मचायेगी तहलका

सिमरन शेख : झुग्गी-बस्ती से निकलकर बनी स्टार क्रिकेटर, अब WPL में मचायेगी तहलका

0
सिमरन शेख : झुग्गी-बस्ती से निकलकर बनी स्टार क्रिकेटर, अब  WPL में मचायेगी तहलका

Simran Shaikh : बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग की तर्ज पर महिला प्रीमियर लीग (WPL) की शुरुआत की है, इस लीग के साथ ही महिला क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत हुई है, इस लीग के जरिए छोटी जगह से आने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका भी मिलेगा।

इस लीग में ऐसी ही एक महिला खिलाड़ी को भी मौका मिला है, जिसका पूरा जीवन ही मुंबई की धारावी झुग्गी-बस्ती बीता है, करीब 550 एकड़ में फैली इस धारावी बस्ती में विभिन्न धर्मों और विभिन्न वर्गों के लगभग 10 लाख लोग रहते हैं, मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर इस बस्ती में 100 फीट की झोपड़ी में 8 से 10 लोग रहते हैं।

सिमरन को यूपी वॉरियर्स टीम ने खरीदा

इस महिला खिलाड़ी का नाम सिमरन शेख है, 21 साल की सिमरन लेग स्पिनर हैं और दाएं हाथ से बैटिंग करती हैं, सिमरन इसी साल महिला प्रीमियर लीग के पहले सीजन के लिए नीलामी में शामिल हुई थीं, उनकी बेस प्राइज 10 लाख रुपये रखी गई थी, जब सिमरन का नाम आया, तो यूपी वॉरियर्स फ्रेंचाइजी ने बोली लगाकर सिमरन को बेस प्राइज पर ही खरीद लिया।

Mumbai's budding women cricketers look forward to inaugural Women's Premier  League

10वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी

सिमरन ने कहा कि वह एक मुस्लिम परिवार में पैदा हुई हैं, क्रिकेट खेलने में परिवार के सदस्यों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘हम चार बहनें और तीन भाई हैं, पिता वायरिंग का काम करते हैं, दो बहनें मुझसे बड़ी हैं, बाकी सब मुझसे छोटे हैं, मेरे बचपन से लेकर आज तक इस खेल में किसी ने दखल नहीं दिया।

उन्होंने कहा, ’10वीं क्लास में फेल होने के बाद पढ़ाई से किनारा कर लिया, फिर क्रिकेट में करियर बनाने का फैसला किया. मुंबई में स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने का अनुभव हासिल किया।

वहां अंडर 19 क्रिकेट भी खेला, इसके बाद मुंबई की सीनियर टीम में भी खेलने का मौका मिला, सिमरन (Simran Shaikh) मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करती हैं. उनका सपना भारतीय महिला टीम में खेलने का है. इतना ही नहीं, सिमरन देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने का सपना देखती हैं, उन्होंने कहा कि यह कड़ी मेहनत से ही संभव हो सकता है।

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here